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Saturday, 15 August 2015

नींबू के 30 आयुर्वेदिक नुस्खेँ

नींबू के 30 आयुर्वेदिक नुस्खेँ
 1-शुद्ध शहद में नींबू की शिकंजी पीने से मोटापा दूर होता है।

2-नींबू के सेवन से सूखा रोग दूर होता है।

3-नींबू का रस एवं शहद एक-एक तोला लेने से दमा में आराम मिलता है।

4-नींबू का छिलका पीसकर उसका लेप माथे पर लगाने से माइग्रेन ठीक होता है।

5- नींबू में पिसी काली मिर्च छिड़क कर जरा सा गर्म करके चूसने से मलेरिया ज्वर में आराम मिलता है।

6-नींबू के रस में नमक मिलाकर नहाने से त्वचा का रंग निखरता है और सौंदर्य बढ़ता है।

7- नौसादर को नींबू के रस में पीसकर लगाने से दाद ठीक होता है।

8- नींबू के बीज को पीसकर लगाने से गंजापन दूर होता है।

9-बहरापन हो तो नींबू के रस में दालचीनी का तेल मिलाकर डालें।

10-आधा कप गाजर के रस में नींबू निचोड़कर पिएं, रक्त की कमी दूर होगी।

11- दो चम्मच बादाम के तेल में नींबू की दो बूंद मिलाएं और रूई की सहायता से दिन में कई बार घाव पर लगाएं, घाव बहुत जल्द ठीक हो जाएगा।

12- प्रतिदिन नाश्ते से पहले एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ज़ैतून का तेल पीने से पत्थरी से छुटकारा मिलता है।

13- किसी जानवर के काटे या डसे हुए भाग पर रूई से नींबू का रस लगांए, लाभ होगा।

14- एक गिलास गर्म पानी में नींबू डाल कर पीने से पांचन क्रिया ठीक रहती है।

15- चक्तचाप, खांसी, क़ब्ज़ और पीड़ा में भी नींबू चमत्कारिक प्रभाव दिखाता है।

16- विशेषज्ञों का कहना है कि नींबू का रस विटामिन सी, विटामिन, बी, कैल्शियम, फ़ास्फ़ोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन और कार्बोहाईड्रेट से समृद्ध होता है।

17- विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मसूढ़ों से ख़ून रिसता हो तो प्रभावित जगह पर नींबू का रस लगाने से मसूढ़े स्वस्थ हो जाते हैं।

18- नींबू का रस पानी में मिलाकर ग़रारा करने से गला खुल जाता है।

19- नींबू के रस को पानी में मिलाकर पीने से त्वचा रोगों से भी बचाव होता है अतः त्वचा चमकती रहती है, कील मुंहासे भी इससे दूर होते हैं और झुर्रियों की भी रोकथाम करता है।

20- नींबू का रस रक्तचाप को संतुलित रखता है।

21-अगर बॉडी में विटामिन सी की मात्रा कम हो जाए, तो एनिमिया, जोड़ों का दर्द, दांतों की बीमारी, पायरिया, खांसी और दमा जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। नीबू में विटामिन सी की क्वॉन्टिटी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए इन बीमारियों से दूरी बनाने में यह आपकी मदद करता है।

22- पेट खराब, पेट फूलना, कब्ज, दस्त होने पर नीबू के रस में थोड़ी सी अजवायन, जीरा, हींग, काली मिर्च और नमक मिलाकर पीने से आपको काफी राहत मिलेगी।

23- गर्मी में बुखार होने पर अगर थकान महसूस हो रही हो या पीठ और बांहों में दर्द हो, तो भी आपके पास नींबू का उपाय है। आप एक चम्मच नींबू के रस में दस बूंद तुलसी की पत्तियों का रस, चार काली मिर्च और दो पीपली का चूर्ण मिलाकर लें। इसे दो खुराक के तौर सुबह-शाम लें।

24-चेहरे पर मुंहासे होना एक आम समस्या है। इसे दूर करने के लिए नींबू रस में चंदन घिसकर लेप लगाएं। अगर दाद हो गया है, तो इसी लेप में सुहागा घिसकर लगाएं, आपको आराम मिलेगा।

25- कई बार लंबी दूरी की यात्रा करने पर शरीर में बहुत थकान महसूस होती है। ऐसे में एक गिलास पानी में दो नींबू निचोड़कर उसमें 50 ग्राम किशमिश भिगो दें। रातभर भीगने के बाद सुबह किशमिश पानी में मथ लें। यह पानी दिनभर में चार बार पिएं। इससे एनर्जी मिलेगी और बॉडी की फिटनेस भी बनी रहेगी।

26-अधिक थकान और अशांति के कारण कई बार नींद नहीं आती। अगर आप भी इस प्रॉब्लम से जूझ रहे हैं, तो लेमन रेमेडी अपनाएं। रात को सोने से पहले हाथ-पांव, माथे, कनपटी व कान के पीछे सरसों के तेल की मालिश करें। इसके बाद थोड़े से नीबू के रस में लौंग घिसकर चाट लें। ऐसा करने से आपको नींद बहुत जल्दी आएगी।

27-मोटापे से आजकल हर दूसरा शख्स परेशान होता है। इससे छुटकारा पाने के लिए आप मूली के रस में नीबू का रस व थोड़ा नमक मिलाकर नियमित रूप से लें। मोटापा दूर होगा।

28- अगर याददाश्त कमजोर हो गई है, तो गिरी, सोंठ का चूर्ण और मिश्री को पीसकर नींबू के रस में मिलाएं। फिर इसे धीरे-धीरे उंगली से चाटें।

29-सुंदर दिखना तो सभी चाहते हैं। अगर आपकी भी यही चाहत है, तो एक चम्मच बेसन, आधा चम्मच गेहूं का आटा, आधा चम्मच गुलाब जल और आधा चम्मच नींबू का रस मिलाकर लोशन तैयार करें। इसे धीरे-धीरे चेहरे पर मलें। कुछ ही दिनों में आपका चेहरा निखर जाएगा।

30- जहां तक हो सके, कागजी पीले रंग के नीबू का यूज करें। इसमें दो चुटकी सेंधा नमक या काला नमक मिला सकते हैं। यह टिप्स हमारी रीडर मीनू मोहले ने भेजे हैं।

Friday, 14 August 2015

कुछ उपयोगी आयुर्वेदिक नुस्खे

कुछ उपयोगी आयुर्वेदिक नुस्खे

सर्दी, जुकाम, बुखार और कमजोरी महसूस होती हो तो इन दवाईयों को आजमायें। यह सीतोपलादि चूर्ण का घर पर तैयार किया गया नुस्खा है

• दाल चीनी साढ़े ग्राम, इलायची छोटी पच्चीस ग्राम, पीपल छोटी पचास ग्राम, बंसलोचन सौ ग्राम, मिश्री दो सौ ग्राम। उपर्युक्त सामान को अलग-अलग कूट-पीसकर एक साथ मिलाकर कांच की शीशी में भर कर रख लें। इसे दोनों समय पानी या दूध के साथ सेवन करें।
• जुकाम के लिये चाय: तुलसी की बीस पत्तियां, गोल काली मिर्च पंद्रह तोड़कर, मिश्री डेढ़ तोला। इन्हें ढाई सौ ग्राम पानी में डालकर पकने दें। जब डेढ़ छटाक रह जाये तो इसमें थोड़ा दूध मिलाकर गर्म-गर्म पी लें।
• गुलबनफशा आधा तोला, काली मिर्च के दस दाने तोड़कर धीमी आंच में पकायें, एक छटांक रहने पर छानकर आधा तोला मिश्री मिलाकर गुनगुना रहते पी लें और आधा घंटा के लिये चादर ओढ़ कर लेटें। इसे सुबह शाम दोनों समय एक सप्ताह से पंद्रह दिन तक लें।
• उपर्युक्त सीतोपलादि चूर्ण दो आना भर (डेढ़ ग्राम) गोदन्ती भस्म 2 रत्ती, दोनों समय शहद में मिलाकर लें।
• सीतोपलादि चूर्ण डेढ़ ग्राम, काली मिर्च या गोल सफेद मिर्च के पांच दाने, छोटी पीपल दो रत्ती, शहद या एक पाव गर्म दूध के साथ सुबह-शाम दोनों समय लें। इससे हर समय रहने वाला मन्द ज्वर अवश्य ठीक होगा।
• मलेरिया : लाल चंदन छ: माशा, पदमाक छ: माशा, धनिया छ: माशा, गुरुच (हरी ताजी) एक तोला, नीम की छाल अंदर वाली छ: माशा, (एक खुराक के लिये) सब चीजें कूटकर ढाई सौ ग्राम पानी में एक हांडी में रात्रि को भिगों दें। सुबह पकायें। जब पानी एक छटाक रह जाये तो इसमें दो रत्ती पीपल छोटी, छ: रत्ती वंसलोचन एवं आधा तोला मिश्री मिलाकर सुबह बासी मुंह पियें। इसे दिन में एक बार पीना पर्याप्त है।
• शाम के समय पीपल छोटी दो रत्ती, बंसलोचन, छ: रत्ती, सतगिलोय चार रत्ती की एक खुराक शहद मिलाकर लें।
• भोजन के बाद दोनों समय अमृतारिष्ट दो तोला-ढाई तोला ताजा जल में मिलाकर लें।
• मन्दाग्नि, मंद ज्वर, हृदय स्ायु दौर्बल्य के लिये चूर्ण, पांच तोला सौंफ, ढाई तोला आंवला, छ: माशा नागकेसर, डेढ़ माशा सोंठ, गोल मिर्च डेढ़ माशा, पीपल बड़ी डेढ़ माशा, लेकर चूर्ण बना लें। छ: माशा की मात्रा नित्य प्रात:काल मिश्री मिलाकर लें। (सात से आठ बजे के बीच)।
• संध्या समय पांच-छ: बजे के लगभग काला नमक एवं सेंधा नमक की दो चुटकी मिलाकर पानी के साथ सेवन करें।
• आयुर्वेदिक चाय (सर्दी) : तुलसी की पत्ती पांच तोला, गोला मिर्च एक तोला, सोंठ एक तोला, पीपल बड़ी आधा तोला, इलायची बड़ी छ: माशा, दालचीनी तीन माशा को कूट पीसकर रख लें। आधा लीटर पानी में दो चाय की चम्मच भर यह चूर्ण डालकर उबाल लें, दूध और चीनी डालकर पियें।
• वमन, बदहजमी, पित्त: सूखा पोदीना एक तोला, जीरा भुना एक तोला, गोल मिर्च एक तोला, काला नमक एक तोला, अनारदाना दो तोला, अलग-अलग कूट-पीसकर मिलाकर रखें। एक चुटकी दिन में कई बार पानी से लें।
• दिमागी कमजोरी (नींद कम आना, स्मरणशक्ति का कम होना) : शंखपुष्पी तीन माशा, ब्राह्मी एक माशा, बादाम पांच दाना, गोल मिर्च सात दाना, छोटी इलायची दो (एक खुराक के लिये) पीसकर छान लें, सुबह के समय मिश्री मिलाकर दूध के साथ लें।